गोदंती भस्म/Godanti Bhasma: फायदे और उपयोग, खुराक, साइड इफेक्ट्स

Godanti Bhasma के बारे में जानकारी

गोदंती भस्म एक आयुर्वेदिक औषधि है, जिसे जिप्सम से तैयार किया जाता है। Godanti Bhasma का उपयोग पुराने बुखार, सिरदर्द, मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू मलेरिया, मासिक धर्म में गड़बड़ी, कैल्शियम की कमी, ऑस्टियोपोरोसिस, रक्तचाप और अन्य कई समस्याओं में फायदेमंद है। इस दवा को केवल डॉक्टर की देखरेख में लेना चाहिए।

गोदंती भस्म के उपयोग | Godanti Bhasma uses in Hindi

यह बच्चों में फ्लू, पुराना बुखार , खांसी, जुकाम, दमा, एनीमिया , छाती में चोट, ल्यूकोरिया, बुखार के उपचार में उपयोग किया जाता है। यह शक्ति और प्रतिरक्षा (immunity) में सुधार करता है। इसका उपयोग माइग्रेन के उपचार में किया जाता है। यह तीनों दोषों विशेषकर पित्त दोष को संतुलित करता है।

गोदंती भस्म के फायदे | Godanti Bhasma benefits in Hindi

बच्चों में फ्लू

पुराना बुखार , खांसी, जुकाम,

ल्यूकोरिया

एनीमिया

सिरदर्द

मलेरिया

टाइफाइड

ऑस्टियोपोरोसिस,

जोड़ों में सूजन,

जोड़ों में दर्द,

दिल के लिए एक शक्तिशाली टॉनिक

इस प्रकार हम कह सकते हैं कि गोदन्ती भस्म का उपयोग कई रोगों में किया जाता है। गोदन्ती भस्म के उपयोग से कई रोगों को जल्द ही दूर किया जा सकता है।

गोदंती भस्म की खुराक | Godanti Bhasma dosage in Hindi

गोदन्ती भस्म सामान्य खुराक: 125 से 375 मिलीग्राम

आयुर्वेदिक डॉक्टर द्वारा निर्देशित भोजन के पहले या बाद में एक या दो बार 250 मिलीग्राम।

यह पारंपरिक रूप से घी, शहद के दूध या चीनी के साथ दिया जाता है।

गोदंती भस्म के साइड इफेक्ट्स | Godanti Bhasma side effects in Hindi

गोदंती भस्म एक आयुर्वेदिक दवा है। आमतौर पर इसका उपयोग करने के लिए सुरक्षित होती हैं। अगर डॉक्टर के निर्देशित द्वारा लिया जाए तो आमतौर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं बताया जाता है।

सावधानियां-

डॉक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार ही इसकी खुराक का उपयोग करें।

इसका उपयोग न करें यदि आपको इसकी किसी भी सामग्री से एलर्जी है।

धूप से दूर, ठंडी और सूखी जगह पर रखें।

बच्चों की पहुंच से दूर रखें।

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