विटामिन K की कमी से होने वाले रोग | Vitamin K deficiency diseases in hindi

विटामिन K एक वसा में घुलनशील विटामिन है जो रक्त के थक्के बनाने वाले प्रोटीन के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है और यह हरी पत्तेदार सब्जियों और तेलों जैसे सोयाबीन, जैतून में पाया जाता है। इसके अलावा, यह विटामिन बड़ी आंत में बैक्टीरिया द्वारा संश्लेषित होता है। विटामिन K (Vitamin K ) की कमी किसी भी आयु वर्ग में हो सकती है।

अगर आपके शरीर में विटामिन K की कमी है। तो आपके शरीर में प्रोटीन भी कम हो जाता है। इस विटामिन की कमी आमतौर पर सन्तुलित भोजन ना करने के कारण होती है। इसकी कमी के कुछ और भी कारण हो सकते है। जैसे – सिस्टिक फाइब्रोसिस (Cystic fibrosis ), पित्ताशय की समस्याएं और यकृत की बीमारी (liver disease) आदि । विटामिन के की कमी का सबसे आम संकेत रक्त के थक्के न बनने के कारण बहुत सारा खून बहे जाता है।

विटामिन K की कमी के लक्षण | Vitamin K deficiency symptoms in hindi

विटामिन के की कमी दो कारणों से होता है। सबसे पहले, सन्तुलित आहार न लेने से , यह विटामिन हरी पत्तेदार सब्जियों और सूखे मेवे जैसे –  अंजीर  किशमिश, बादाम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। दूसरा, आंत में बैक्टीरिया वास्तव में अपने दम पर विटामिन के का उत्पादन करते हैं। यही कारण है कि जब तक संभव हो एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग करने से दूर रहना चाहिए , क्योंकि वे आंत में फायदेमंद और रोगजनक बैक्टीरिया दोनों को मारते हैं।

विटामिन के की कमी का मुख्य लक्षण अत्यधिक खून बहना है। ध्यान रखें कि कट या घाव वाली जगह पर खून का बहना या अन्य क्षेत्रों में जैसे – मासिक धर्म से खून बहना और सूजन आंत्र रोग के लक्षण जैसे मल में खून आना हो सकते हैं।

  • त्वचा में आसान नीले निशान
  • नाक या मसूड़ों से खून निकलना
  • घाव या इंजेक्शन का स्थान और सर्जरी वाली जगह से अधिक खून निकलना
  • अत्यधिक मासिक धर्म
  • जठरांत्र संबंधी मार्ग से रक्तस्राव (Gastrointestinal bleeding)
  • मूत्र में रक्त या मल में रक्त
  • मस्तिष्क में रक्तस्राव
  • शिशुओं में,उस स्थान से रक्त आना जहाँ गर्भनाल को हटाया गया था।
  • नवजात शिशुओं में विटामिन K को बनाने वाले आवश्यक बैक्टीरिया नहीं होते हैं। इसलिए नवजात शिशुओं को इसकी कमी का ख़तरा अधिक होता है।

विटामिन K की कमी से होने वाले रोग | Vitamin K deficiency diseases in hindi

अत्यधिक खून बहना | Excessive bleeding– विटामिन के की कमी से रक्त के थक्के बनने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। जिस कारण पीड़ित हर छोटी चोट पर बहने वाले रक्त को रोक नहीं सकते हैं। यहां तक कि एक इंजेक्शन लगने के स्थान से भी अधिक खून निकल जाता है। विटामिन के की कमी के कारण निम्नलिखित समस्याएं होती हैं:

  • नाक से खून आना
  • मल या मूत्र से खून निकलना
  • काला मल आना

हृदय संबंधी समस्याएं | Heart problems : विटामिन K रक्त धमनियों को सख्त होने से रोकने में मदद करता है, इस विटामिन की कमी से कोरोनरी धमनी की बीमारी और दिल की विफलता जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

कैंसर | Cancer – विटामिन K में एंटी कैंसर एजेंट होता है जो रक्त कोशिकाओं को कैंसर कोशिकाओं में बदलने नहीं देता है। इस विटामिन की कमी से कैंसर का खतरा बहुत बढ़ जाता है।

कमजोर हड्डियां | Weak bones- 40 वर्ष की आयु के बाद, हड्डियां कमजोर खोने लगती हैं। कैल्शियम के सही उपयोग के लिए हड्डियों को विटामिन k की आवश्यकता होती है। इसकी कमी से हड्डी टूटने की संभावना बढ़ जाती है।

मासिक धर्म के दौरान खून आना : विटामिन k का सबसे महत्वपूर्ण कार्य रक्त के थक्के बनाना है। अगर किसी महिला के शरीर में विटामिन k की कमी होती है, तो मासिक धर्म में अतिरिक्त रक्त की समस्या होती है।

उम्र का असर | Effect of age- विटामिन K की कमी का असर आपकी उम्र पर भी पड़ता है। जैसे – त्वचा पर झुर्रियाँ , दाग धब्बे पड़ सकती हैं। इसलिए, युवा रहने के लिए, अपने आहार में विटामिन k का सेवन करना चाहिए।

जन्मजात रोग- विटामिन K की कमी के कारण बच्चों में जन्म दोष से संबंधित समस्याएं भी हो सकती हैं। इनमें अंगुलियों का छोटा होना, नाक का पूरी तरह विकसित ना होना, कान का मुड़ना, मुंह और मस्तिष्क के विकार शामिल हो सकते हैं। गर्भवती को अपने आहार पर ध्यान देना चाहिए और विटामिन K युक्त भोजन का सेवन करना चाहिए।