निमोनिया के लक्षण, कारण, इलाज और रोकथाम | Symptoms, causes, treatment and prevention of pneumonia

निमोनिया क्या है | What is pneumonia in hindi

निमोनिया (pneumonia) एक जीवाणु संक्रमण होता है। जिसमे एक या दोनों फेफड़ों के एयर बैग (एल्वियोली) को द्रव या मवाद से भर देता है, जिससे कफ या खांसी, बुखार, ठंड और सांस की तकलीफ हो सकती है। यह कोरोनावायरस (COVID-19) जैसे वायरस के कारण भी हो सकता है।

निमोनिया (pneumonia) किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, यह शिशुओं और छोटे बच्चों में अधिक सामान्य और गंभीर हो सकता है।

निमोनिया के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं | Common symptoms of pneumonia includein hindi

निमोनिया के लक्षण 24 से 48 घंटों में अचानक विकसित हो सकते हैं, या वे कई दिनों तक धीरे-धीरे आ सकते हैं।

  • खांसी – जो सूखी हो सकती है, या गाढ़ा पीला, हरा, भूरा या खून से सना हुआ बलगम पैदा कर सकता है
  • साँस लेने में कठिनाई – आपकी साँसें तेज और आराम करने पर भी आपको साँस फूलने का एहसास हो सकता है
  • तेज धडकन
  • उच्च तापमान
  • आम तौर पर अस्वस्थ महसूस करना
  • पसीना और कंपकंपी
  • भूख में कमी 
  • सीने में दर्द – जो सांस लेने या खांसने पर बढ़ जाता है।

आपके और भी गंभीर लक्षण हो सकते हैं निमोनिया में-

  • खांसी के साथ खून आना (hemoptysis)
  • तेज़ी से सांसें लेना
  • बहुत अधिक थकान होना
  • सीने में घरघराहट
  • जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द
  • धडकन की तेज़ी
  • मतली और उल्टी

निमोनिया का कारण क्या है | What causes pneumoniain hindi

निमोनिया आमतौर पर जीवाणु संक्रमण (bacterial infection) के कारण होने वाला रोग है। वायरस, कवक या परजीवी जीव या अन्य जीव भी निमोनिया का कारण हो सकते हैं।

वायरल निमोनिया (Viral pneumonia)- वायरस के कारण होता है, जैसे कोरोनोवायरस

फंगल निमोनिया (Fungal pneumonia) – इसमें कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों को प्रभावित करने की अधिक संभावना होती है

अस्पताल-अधिग्रहित निमोनिया (Hospital-acquired pneumonia) –व्यक्ति किसी अन्य बीमारी का इलाज करने हॉस्पिटल जाता है। इलाज या ऑपरेशन होने के दौरान अस्पताल में निमोनिया विकसित हो जाता है। जैसे- साँस लेने की मशीनों पर लंबे समय देखभाल करने वाले लोगों को विशेष रूप से वेंटीलेटर-जुड़े निमोनिया होने का खतरा होता है

इन्फ्लुएंजा वायरस, टाइप ए (एच 1, एन 1) वायरस, एडेनोवायरस, राइनोवायरस , निमोनिया के विकास को जन्म देते है।

किन लोगो को निमोनिया का अधिक खतरा/जोखिम होता है

निम्न समूहों में निमोनिया विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है:

  • शिशुओं और बच्चों में निमोनिया
  • बुजुर्गो में
  • जो लोग धूम्रपान करते हैं
  • अन्य स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोग, जैसे अस्थमा, सिस्टिक फाइब्रोसिस या दिल, गुर्दे या लिवर की स्थिति
  • कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग – जैसे कि फ्लू, एचआईवी या एड्स होना, कीमोथेरेपी होना।

निमोनिया का इलाज | Treatment of pneumonia in hindi

निमोनिया के लिए इलाज में संक्रमण को ठीक करना और निमोनिया से होने वाले लक्षणों को रोकना शामिल है। निमोनिया का इलाज निमोनिया के प्रकार, गंभीरता, उम्र और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। निमोनिया के इलाज में एंटीबायोटिक्स दवाएं जरुरी है। लेकिन निमोनिया होने पर कई तरह के लक्षण जैसे – ख़ासी ,बुखार की भी दवाई साथ में दी जाती है। निमोनिया इलाज निम्न प्रकार से किया जाता है।

एंटीबायोटिक्स | Antibiotics

एंटीबायोटिक्स का उपयोग बैक्टीरियल निमोनिया के इलाज के लिए किया जाता है। निमोनिया पैदा करने वाले बैक्टीरिया की पहचान करने और आपके लिए सही एंटीबायोटिक चुनने में आपके डॉक्टर्स को कुछ समय लग सकता है। एंटीबायोटिक दवाई का इस्तिमाल डॉक्टर की देख रेख में ही करना चाहिए।

बुखार से राहत / दर्द निवारक दवाई – बुखार और दर्द के लिए आप इनका सेवन कर सकते हैं। जैसे – एस्पिरिन, इबुप्रोफेन (एडविल, मोट्रिन आईबी, अन्य) और एसिटामिनोफेन (acetaminophen) ,पेरासिटामोल जैसी दवाएं शामिल हैं।

खांसी की दवा-  इस दवा का उपयोग आपकी खांसी को शांत करने के लिए किया जा सकता है ताकि आप आराम कर सकें। क्योंकि खाँसी आपके फेफड़ों से तरल पदार्थ को ढीला करके बाहर निकलने में मदद करती है। इसलिए आप खाँसी को पूरी तरह से खत्म न करें। यदि आप cough syrup लेते है। तो कम खुराक का उपयोग करें जो आपको आराम करने में मदद करता है।

निमोनिया की रोकथाम | Prevention of pneumonia in hindi

निमोनिया संक्रमण को रोकने में मदद करने के लिए:-

टीका लगवाएं | Get vaccinated

कुछ प्रकार के निमोनिया और फ्लू से बचाव के लिए टीके उपलब्ध हैं। समय के साथ टीकाकरण बदलता है, इसलिए भले ही आपको अपने निमोनिया के लिए टीका लगाया गया हो .डॉक्टर 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए और 2 से 5 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए एक अलग निमोनिया वैक्सीन की सलाह देते हैं जो न्यूमोकोकल वैक्सीन रोगों से बच्चों की सुरक्षा करता है। डॉक्टर 6 महीने से अधिक उम्र के बच्चों के लिए फ्लू शॉट्स की भी सलाह देते हैं। अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

साफ सफाई  ध्यान रखे – निमोनिया का कारण बनने वाले श्वसन संक्रमण से खुद को बचाने के लिए, अपने हाथों को नियमित रूप से धोएं या अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें।

धूम्रपान न करें– धूम्रपान हमारे फेफड़ों और स्वस्थ को बहुत नुकसान पहुचाता है।

अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत रखें। पर्याप्त नींद लें, नियमित व्यायाम करें और स्वस्थ आहार लें।

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