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शुगर पेशेंट को गिलोय का काढ़ा पीना चाहिए की नहीं |sugar patient ko giloy ka kadha pina chahie ki nahin

शुगर पेशेंट को गिलोय का काढ़ा पीना चाहिए की नहीं

गिलोय आयुर्वेदिक औषधि है।आयुर्वेद में गिलोय को तीन भागो में विभाजित किया गया है।  तने, पत्तियों और जड़  हैं। परन्तु गिलोय का सबसे मूल्यवान हिस्सा गिलोय का तना है। इसके तने में बड़ी मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं। आयुर्वेद में गिलोय का उपयोग कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है। इसकी गुणवत्ता के कारण, आयुर्वेद में इससे अमृता कहा गया है। इस आयुर्वेदिक जड़ी बूटी को मधुमेह विरोधी के रूप में जाना जाता है।

गिलोय का मुख्य रूप से 3 तरीकों से सेवन किया जाता है।

  • गिलोय सत्व
  • गिलोय का रस
  • गिलोय का चूर्ण

शुगर पेशेंट के लिए बहुत उपयोगी है गिलोय

यदि आप को मधुमेह है, तो गिलोय आपके लिए बहुत फायदेमंद औषधि है। यह आपके रक्तचाप को कम करता है। यह टाइप -2 डायबिटीज के रोगियों के लिए भी बहुत लाभकारी होता है। शुगर पेशेंट गिलोय का रस लेते हैं तो उनके रक्त शर्करा के स्तर को कम करेगा।

गिलोय का प्रयोग इम्युनिटी बूस्टर के रूप में भी किया जाता है। जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। इसलिए मधुमेह में गिलोय का सेवन करें। इसके और भी कई स्वास्थ्यवर्धक लाभ हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, मधुमेह में गिलोय के सेवन से रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है। इसका सेवन शुगर पेशेंट के लिए बहुत लाभकारी होता है। इसके अलावा, गिलोय मधुमेह के कुछ अन्य तरीकों से भी शरीर को प्रभावित करता है।

 गिलोय प्राकृतिक मधुमेह रोधी दवा है। इसका सेवन करने से चीनी खाने की इच्छा कम हो जाती है। जिससे व्यक्ति का शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।

गिलोय के सेवन से शरीर में इंसुलिन का उत्पादन होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गिलोय एक हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट के रूप में भी काम करता है जो ब्लड शुगर को कण्ट्रोल करता है। गिलोय शरीर में मौजूद अतिरिक्त ग्लूकोज को जलाने में मदद करता है, जिससे ब्लड सुगर का लेवल कम होता है।

शुगर पेशेंट गिलोय का सेवन कैसे करें

  • गिलोय के तने को अच्छे से धोएं और इसे दो गिलास पानी में उबालें रखदे। पानी को आधा होने तक उबालें। सुबह खली पेट इस काढ़े को पीने से मधुमेह में लाभ मिलेगा।
  • गिलोय की गोलियां या रस सुबह खाली पेट लेना सबसे फायदेमंद होता है। इसे रोजाना लेने से डायबिटीज नियंत्रित रहती है। और प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है।
  • गिलोय पत्तो और तनो का रस का भी इस्तिमाल कर सकते है। 20ml रस को सुबह खाली पेट ले सकते है।
नोट :- गिलोय के बहुत स्वास्थ्य लाभ हैं, इसका लंबे समय तक इस्तेमाल से शरीर को कुछ नुकसान भी हो सकता है। गिलोय को किसी भी बीमारी में लेने से पहले किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह लें।

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