Home » all posts » क्या HIV का इलाज हो सकता है | kya HIV ka treatment ho sakta hai

क्या HIV का इलाज हो सकता है | kya HIV ka treatment ho sakta hai

 

क्या HIV का इलाज हो सकता है | kya HIV ka treatment ho sakta hai

HIV क्या है :- HIV को Human Immunodeficiency Virus कहा जाता है, हिंदी में इसे मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता Virus कहा जाता है। यह हमारे शरीर में संक्रमण से लड़ने वाली श्वेत रक्त कोशिकाओं को नष्ट करके प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) को नुकसान पहुँचाता है। यह एक घातक वायरस है जो Acquired Immunodeficiency syndrome (AIDS) का कारण बनता है जो HIV संक्रमण का एक विकसित stage है
 
उपचार के बिना, एचआईवी धीरे-धीरे प्रतिरक्षा प्रणाली को नष्ट कर सकता है और एड्स को आगे बढ़ा सकता है। AIDS का अर्थ है Acquired Immuno Deficiency Syndrome’। यह HIV के साथ संक्रमण का अंतिम चरण है। HIV वाले हर व्यक्ति को एड्स नहीं होता है।
 
HIV Virus एड्स को जड़ से ख़त्म नहीं किया जा सकता है।लेकिन एंटीवायरल ड्रग्स से वायरस को रोक कर रख सकते हैं लेकिन अगर आप एंटीवायरल ड्रग्स लेना बंद कर देंगे। तो वायरस वापस जाएगा।
एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी क्या है | What is antiretroviral therapy (ART)
 
दवाओं के साथ HIV / AIDS के उपचार को एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (ART) कहा जाता है। यह उन सभी के लिए जरुरी है। जो HIV पॉजिटिव है।दवाएं एचआईवी संक्रमण का इलाज नहीं करती हैं, लेकिन वायरस को रोक कर रख सकते हैं वे वायरस को दूसरों तक फैलाने के जोखिम को भी कम करते हैं।

क्या HIV का इलाज हो सकता है ?

दवाएं : – NRTI,NNRTI दवाएं इंसान को HIV  सिम्टम्स से लड़ने में सहायता करती है।
 
न्यूक्लियोसाइड रिवर्स ट्रांसक्रिपटेस इनहिबिटर (NRTI)
नॉन-न्यूक्लियोसाइड रिवर्स ट्रांसक्रिपटेस इनहिबिटर (NNRTI)

लैमीवुडीन | Lamivudine

 आमतौर पर 3TC, एक एंटीरेट्रोवाइरल दवा है जिसका उपयोग एचआईवी / एड्स को रोकने और इलाज के लिए किया जाता है। इसका उपयोग क्रोनिक हेपेटाइटिस बी के इलाज के लिए भी किया जाता है जब अन्य विकल्प संभव नहीं होते हैं। यह एचआईवी -1 और एचआईवी -2 दोनों के खिलाफ प्रभावी है।

ज़िडोवुडीन | zidovudine

न्यूक्लियोसाइड रिवर्स ट्रांस्क्रिप्टेज़ इनहिबिटर-एनआरटीआई के रूप में जानी जाने वाली दवाओं के एक वर्ग के अंतर्गत आता है। ज़िडोवुडीन का उपयोग गर्भवती महिलाओं में अजन्मे बच्चे को HIV वायरस से बचने के लिए किया जाता है। इस दवा का उपयोग नवजात शिशुओं में संक्रमण से बचाव के लिए एचआईवी से संक्रमित माताओं से जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं में भी किया जाता है।

 

HIV/AIDS की दवाएं कैसे काम करती हैं?

HIV/AIDS की दवाएं आपके शरीर में एचआईवी (वायरल लोड) की मात्रा को कम करती हैं, जिससे अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) को ठीक होने का मौका देना। 

HIV/AIDS के दवाओं का नियमित सेवन करना कितना  जरुरी है।

अपने डॉक्टर की सलहा पर इन दवाओं की सही खुराक , सही समय पर लेना जरुरी है।
कुछ दवाएं खाने से पहले लेनी होती है। और कुछ खाने के बाद।
अपने डॉक्टर के हर निर्देश का नियमित रूप से पालन करे।
एक या एक से ज्यादा खुराक छोड़ने का मतलब है। कि वाइरस को फिर तेजी से बढ़ाना।

दवाएं असर कर रही है। ये आप कैसे जानेंगे ?

आपके खून में CD4 काउंट और वाइरस लोड की नियमित जाँच से आप यह जान सकते है की दवाएं काम कर रही है या नहीं।
आम तौर पर 3-6 महीने के बाद यह जाँच की जाती है।
एक बार दवाएं शुरू करने पर आपका CD4 काउंट बढ़ना और वाइरस लोड घटना चाहिए।
अगर आप बीमार थे और आपका वजन काफी घट चूका था , तो अब आपका वजन बढ़ना चाहिए।

क्या ये दवाएं HIV से मुक्ति दिला सकती है।

अभी तक तो ऐसा नहीं है। लेकिन ये दवाएं आपके शरीर में HIV को कंट्रोल करने में बेहद कारगर है।
अगर डॉक्टर के निर्देशानुसार दवाएं लिया जाए तो ये आपको एक लम्बी उम्र , तंदरुस्त जिंदगी जीने में मदद कर सकती है।
इस समय HIV/AIDS को एक स्थायी पर संभाली जा सकने वाली बीमारी कहा जा सकता है।
इसलिए इलाज शुरू करने से पहले आप जान ले कि आपको ये दवाएं जिंदगीभर लेते रहना होगा , समयसमय पर आपका डॉक्टर दवाओं को बदल सकता है।

क्या एड्स के लिए कोई टिका है।

इसके इलाज को खोज के साथसाथ HIV इंफैक्शन की रोकथाम के लिए टीकों पर रिसर्च हो रही है।
अभी तक इस फिल्ड में कोई कामयाबी नहीं मिली है।
 
 
 
 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *