जानिए तुलसी के यह 5 प्रकार और लाभ | 5 types of tulsi and Benefits of Tulsi in hindi

पवित्र तुलसी| Holy Basil

तुलसी को भारतीय संस्कृति में पूजनीय माना जाता है, धार्मिक महत्व होने के अलावा, तुलसी औषधीय गुणों से भी समृद्ध है। आयुर्वेद में इसका उपयोग हजारों वर्षों से किया जाता रहा है।, तुलसी को इसके औषधीय गुणों के कारण विशेष महत्व दिया जाता है। तुलसी एक ऐसी जड़ी बूटी है जिसका इस्तेमाल ज्यादातर बीमारियों में किया जाता है। इसका उपयोग सर्दी, जुकाम, दंत रोगों और सूजन को दूर करने, शरीर से विषैले पदार्थों को हटाने के लिए सांसकी बीमारियों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है।

तुलसी में अनेक जैव सक्रिय रसायन पाए गए हैं, जिनमेंट्रैनिन, सैवोनिन, ग्लाइकोसाइड और एल्केलाइड्स प्रमुख हैं।

तुलसी कई सूक्ष्म जीवों, कवक और परजीवी के खिलाफ एक मजबूत एंटीसेप्टिक (antiseptic) है।

हमारे द्वारा खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों में बड़ी संख्या में आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का उपयोग किया जा सकता है, आयुर्वेद के बारे में एक बहुत अच्छी बात ये है कि इसके उपचार से हमेशा साइडबेनिफिट्स होते हैं, साइड इफेक्ट्स नहीं।

जानिए तुलसी के यह 5 प्रकार | This 5 types of basil in Hindi

1) श्याम तुलसी,

2) राम तुलसी,

3) श्वेत/विष्णु तुलसी,

4) वन तुलसी,

5) नींबू तुलसी

 

यदि तुलसी के पांच प्रकारों को मिला कर जूस निकाला जाता है, तो यह पूरी दुनिया में सबसे प्रभावी और सबसे अच्छी दवा बन सकती है। इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल, एंटी-फ्लू, एंटी-बायोटिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी होती है।

श्याम तुलसी या कृष्ण तुलसी:-  

श्याम तुलसी को कृष्ण तुलसी या काली तुलसी भी कहा जाता है। इसके पत्ते हल्के बैंगनी या कृष्ण रंग के होते हैं और इसकी फूल बैंगनी रंग के होती है। श्याम तुलसी की शाखाएँ लगभग एक से तीन फीट ऊँची और बैंगनी चमक वाली होती हैं। कृष्ण तुलसी का उपयोग विभिन्न रोगों और कफ समस्याओं के लिए किया जाता है।

राम तुलसी :-

राम तुलसी हर जगह आसानी से मिल जाती है, जिसके पत्ते हल्के हरे रंग के होते हैं। राम तुलसी का उपयोग पूजा में किया जाता है, इस तुलसी की शाखाएँ सफेद रंग की होती हैं। इसकी सुगंध में तेजी कम होती हैं। राम तुलसी का उपयोग कई स्वास्थ्य और त्वचा संबंधी रोगों की रोकथाम के लिए दवा के रूप में किया जाता है।

तुलसी के फायदे | Benefits of Tulsi in Hindi

  • तनाव दूर करता है (read- डिप्रेशन के लिए हिमालया आयुर्वेदिक दवा )
  • इम्युनिटी बढ़ाने में कारगर साबित होती है तुलसी एक एंटीऑक्सीडेंट है। तुलसी के अर्क की बूंदे पानी में मिलाकर पीने से इम्युनिटी बढ़ती है।
  • एंटीबायोटिक का भी करती है काम, घाव पर तुलसी की बूंद डालने से संक्रमण से बचा जा सकता है।
  • रक्तपरिसंचरण (blood circulation) में सुधार करता है, इस प्रकार दिल के दौरे की दर को रोकता है।
  • अवसाद (depression) को कम करता है। और शांति की भावना पैदा करता है।
  • फेफड़ों में जमा बलगम को कम करता है; कफ को साफ करता है। और सर्दी और खांसी में राहत देता है।
  • फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है। और बेहतर साँस लेने के पैटर्न को बढ़ावा देता है।
  • सिरदर्द को कम करता है।
  • याददाश्त में सुधार करता है Improves memory
  • एलर्जी, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस का इलाज में
  • सूजन और व्यक्ति के शरीर कावजन कम करता है। और पेट फूलना कम करता है।
  • इसमेंमलेरियारोधी (anti-malarial) गुण होते हैं।

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