थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (TSH) टेस्ट | Thyroid-stimulating hormone test in Hindi

थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (TSH) टेस्ट | TSH (Thyroid stimulating hormone) Test

9desigyan.xyz पर हम आपसे पहले ही थायराइड के लक्षण कारण व उपचार के बारे में बात कर चुके हैं

आपके थायराइड हार्मोन (T3,T4,TSH) के स्तर की जांच के लिए रक्त परीक्षण जिसे थायराइड फंक्शन टेस्ट कहते है। अन्य नाम: थायरोट्रोपिन टेस्ट

 

 

थायरॉइड गले में एक छोटी तितली के आकार की ग्रंथि (gland) होती है, यह ग्रंथि गले के सामने के भाग में मौजूद होती है। इसका मुख्य कार्य हार्मोन (T3,T4) का उत्पादन करना है। TSH नामक एक और हार्मोन है, जो थायराइड हार्मोन (T3,T4) के उत्पादन को नियंत्रित करता है, TSH मस्तिष्क में एक ग्रंथि में बनता है जिसे पिट्यूटरी कहा जाता है। जब आपके शरीर में थायराइड का स्तर कम होता है, तो पिट्यूटरी ग्रंथि अधिक TSH बनाती है। जब थायराइड का स्तर अधिक होता है, तो पिट्यूटरी ग्रंथि कम TSH बनाती है। TSH का स्तर जो बहुत अधिक या बहुत कम है, यह संकेत करता है कि आपका थायरॉयड सही तरीके से काम नहीं कर रहा है।

थायराइड हार्मोन | thyroid hormone in Hindi

·         ट्राईआयोडोथायरोनिन (T3) – normal (0.6-1.8) mu/l

·         थायरोक्सिन (T4) – normal (4-12) mu/l

·         TSH (Thyroid-stimulating hormone) – normal (0.5-407) mu/l

 

TSH परीक्षण की आवश्यकता क्यों है?

अगर आपको (hyperthyroidism) या (hypothyroidism) के लक्षण हैं, तो आपको TSH test की आवश्यकता हो सकती है।

अगर TSH का कम स्तर और T3 और T4  का उच्च स्तर आमतौर पर इसका मतलब है कि आपको ह्यपरथीरोइडिस्म (hyperthyroidism)(ओवरएक्टिव थायरॉयड) है।

ह्यपरथीरोइडिस्म के लक्षण | Symptoms of hyperthyroidism in Hindi

          वजन बढ़ना

          थकान, anemia

          नाखून और बालों का कमजोर होना

          सूखी त्वचा और पतला होना

          बाल झड़ना,असमय बालों का सफ़ेद होना

          ठंड महसूस होना

          डिप्रेशन

          मांसपेशियों की जकड़न

 

अगर TSH का उच्च स्तर और T3 और T4  का कम स्तर आमतौर पर इसका मतलब है कि आपको हाइपोथायरायडिज्म (hypothyroidism) (अंडरएक्टिव थायरॉयड ) है।

हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण | Symptoms of hypothyroidism in Hindi

इस कंडीशन के लक्षण –

           घबराहट, चिंता और चिड़चिड़ापन

          वजन कम होना

          लगातार थकान और कमजोरी

          दिल की धड़कन तेज होना

          गर्मी ज्यादा लगना

          सांस फूलना

          कम नींद आना

          अधिक प्यास लगना

          आंखों में लालपन और सूखापन होना

          बाल झड़ना और बालों का पतला होना

          आपकी गर्दन में सूजन (घेंघा रोग)

TSH परीक्षण के दौरान क्या होता है?

इसमें आपके हाथ से blood ले कर  test tube में  stor करते है टेस्ट के लिए। इसमें आमतौर पर पांच मिनट से भी कम समय लगता है।

मुझे परीक्षण की तैयारी के लिए क्या आवश्यकता होगी?

आपको TSH blood test के लिए किसी विशेष तैयारी की आवश्यकता नहीं है।

आपके डॉक्टर आपको बताएंगे कि क्या कोई विशेष निर्देशों का पालन करना है।

क्या परीक्षण के लिए कोई जोखिम हैं?

Blood टेस्ट कराने में बहुत कम जोखिम होता है। बस सुई चुबने का दर्द होगा।

परिणामों का क्या मतलब है?

उच्च TSH levels का मतलब है कि आपका थायरॉयड पर्याप्त थायराइड हार्मोन नहीं बना रहा है, एक स्थिति को हाइपोथायरायडिज्म कहा जाता है। कम TSH levels का मतलब है कि आपका थायरॉयड बहुत अधिक मात्रा में थायराइड हार्मोन बना रहा है, एक स्थिति को हाइपरथायरायडिज्म कहा जाता है। TSH test यह नहीं बताता है कि TSH का स्तर बहुत अधिक या बहुत कम क्यों है। यदि आपके test results असामान्य (abnormal) हैं, तो आपका doctor थाइरोइड problem को जानने के लिए दूसरे टेस्ट कर सकता है।  इन परीक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

अन्य टेस्ट | Other test

·         टी 4 थायराइड हार्मोन परीक्षण (T4 thyroid hormone test)

·         T3 थायराइड हार्मोन परीक्षण (T4 thyroid hormone test)

·         ग्रेव्स रोग का निदान करने के लिए टेस्ट, एक ऑटोइम्यून बीमारी जो हाइपरथायरायडिज्म का कारण बनती है (Tests to diagnose Graves’ disease, an autoimmune disease that causes hyperthyroidism)

·         हशिमोटो के थायरॉयडिटिस का निदान करने के लिए टेस्ट, एक ऑटोइम्यून बीमारी जो हाइपोथायरायडिज्म का कारण बनती है (Tests to diagnose Graves’ disease, an autoimmune disease that causes hyperthyroidism)

·         प्रयोगशाला परीक्षणों, संदर्भ श्रेणियों और समझ परिणामों के बारे में अधिक जानें (Learn more about laboratory tests, reference ranges and comprehension results.)

 नोट : – अगर आपका थायराइड इलाज चल रहा है तो भी इस टेस्ट को साल में एक बार करने की जरूरत होती है। जिससे थायराइड हॉर्मोन की मात्रा देख कर आपकी दवाई कम या बड़ाई जा सके। 

गर्भावस्था के दौरान थायराइड परिवर्तन हो सकता है। ये परिवर्तन आमतौर पर महत्वपूर्ण नहीं होते हैं, लेकिन कुछ महिलाएं गर्भावस्था के दौरान थायरॉयड रोग का विकास कर सकती हैं। 

हाइपरथायरायडिज्म प्रत्येक 500 गर्भधारण में लगभग एक में होता है, जबकि हाइपोथायरायडिज्म प्रत्येक 250 गर्भधारण में लगभग एक में होता है। 

 

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