नीम के फ़ायदे और नुकसान | Benefits of neem and side effects in hindi

नीम भारतीय मूल का एक पेड़ है। यह पड़ोसी देशों – पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार (बर्मा), थाईलैंड, इंडोनेशिया, श्रीलंका आदि में सदियों से पाया जाता है। इसका वानस्पतिक नाम Azadirachta indica है। फूल सफेद और सुगंधित होते हैं और इसके फल को निंबोली कहा जाता है।

 

हम सभी जानते है की नीम का पेड़ कैसे होता है इसका स्वाद भले ही कड़वा हो पर इसके लाभ अमृत के समान है. एंटीबायोटिक्स तत्वों से भरपूर नीम को आयुर्वेद में सर्वोच्च औषधि के रूप में जाना जाता है। आयुर्वेद में, नीम के पत्तों का उपयोग पित्त और कफ दोषों को संतुलित करने के लिए किया जाता है। नीम का पेड़ त्वचा में संक्रमण, घाव, संक्रमित जलन और कुछ फंगल संक्रमण जैसी कई समस्याओं को दूर करने में बहुत लाभकारी है।

नीम के फायदे | Benefits of neem

1.       जल जाने पर| On burningयदि आप किसी कारण से जल जाते  है, तो तुरंत उस स्थान पर नीम की पत्तियों को पीस कर लगाए। इसमें मौजूद एंटीसेप्टिक गुण घाव को ज्यादा बढ़ने नहीं देता है।

2.       रुसी के लिए| for Dandruff – नीम में एंटीफंगल और जीवाणु रोधी (anti-bacterial ) दोनों ही गुण होते हैं जो रूसी का इलाज करने और आपकी सिर की त्वचा को स्वस्थ रखने में बहुत फायदेमंद होते हैं। यह सूखापन और खुजली से भी छुटकारा दिलाता है। नीम की पत्तियों को पानी में उबाल कर पानी को ठंडा करके, बालों को शैम्पू के बाद नीम के पानी से धोकर साफ करें। इससे सिर की रुसी और खुजली दोनों में ही लाभ मिलता है.

3.       त्वचा के लिए| For skin – नीम आपकी त्वचा को स्वस्थ और दोष रहित रखने के लिए एक अच्छा विकल्प है। नीम में एंटीफंगल और जीवाणु रोधी (anti-bacterial ) गुण होते हैं जो त्वचा की समस्याओं जैसे मुँहासे, चकत्ते, सोरायसिस और एक्जिमा को रोकने और इलाज में मदद करते हैं।

4.       दांतों के लिए| For teeth नीम के दातुन से दांत मजबूत होते हैं, हमारे पूर्वजों के समय उनके पास कोई टूथ ब्रश या टूथ पेस्ट नहीं था। सभी नीम की दातुन से ही अपने दन्त साफ करते थे।  आज भी बहुत से लोग गांव में नीम की दातुन का ही इस्तिमाल करते है। जो दांतों और मसूड़ों की देखभाल और पायरिया की रोकथाम में भी कारगर होती है और मुंह से दुर्गंध भी नहीं आती।

5.       मधुमेह के लिए| For diabetesनीम के पत्तों के रस में कई यौगिक होते हैं जो मधुमेह वाले लोगों में इंसुलिन की आवश्यकताओं को कम कर सकते हैं। जिन लोगों को मधुमेह का खतरा अधिक होता है, वे खाली पेट रोजाना 4 या 5 नरम नीम के पत्ते चबा सकते हैं। (read-शुगर की बीमारी के घरेलू नुस्खे)

6.       पेट के कीड़ों से छुटकारा पाने के लिए| Stomach wormsनीम के पत्तियों का जूस पीने से पेट के कीड़े खत्म हो जाते हैं। और आंत की बीमारी से राहत मिलती है। नीम का सेवन करने से फोड़ा-फुंसी से भी छुटकारा मिल जाता है। इसके अलावा, यह पेट की जलन को समाप्त करता है और पाचन तंत्र में सुधार करता है।

7.       मलेरिया के लिए| For malaria नीम के रस के सेवन से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। नीम के पत्तों मेंमलेरियारोधी (anti-malarial) गुण होते हैं। नीम के पत्ते मलेरिया परजीवियों से लड़ने में मदद करता है।डॉक्टरों के अनुसार, किसी भी रूप में नीम के पत्ते लेने से रक्त कोशिकाओं में ऑक्सीकरण की स्थिति बढ़ जाती है। इससे मलेरिया वायरस का विकास रुक जाता है। डेंगू बुखार में भी नीम की पत्तियों को उपयोगी माना जाता है।

8.       संक्रमण के लिए| for Infectionनीम का तेल या नीम का पेस्ट किसी भी त्वचा के संक्रमण (skin infection) पर लगाया जा सकता है।नीम में एक एंटिफंगल (anti-fungal) घटक होता है जो त्वचा के किसी भी संक्रमण को ठीक कर सकता है।

अन्य फायदे| Other benefits

·         एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुणदिखाता है और इसलिए, सोरायसिस के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है.

·         खांसी, जुकाम और अन्य सांस की बीमारियों को ठीक करता है.

·         इसमें एंटीऑक्सीडेंट यौगिक होते हैं, जो रक्तप्रवाह में मुक्त कणों को खत्म करते हैं.

·         नीम के तेल का उपयोग त्वचा और बालों के मुद्दों के इलाज के लिए किया जाता है और कई कॉस्मेटिक उत्पादों में उपयोग किया जाता है.

·         नीम की छाल मलेरिया, दर्द, बुखार, आंतों के अल्सर आदि के खिलाफ प्रभावी है।

·         एक लोकप्रिय कीटनाशक है.

नुकसान :-
इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से एलर्जी, उल्टी, मतली, चक्कर आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
जो लोग निम्न रक्तचाप से पीड़ित हैं उन्हें नीम की पत्तियों का सेवन नहीं करना चाहिए।
कम उम्र के बच्चो को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।